Labels

"हर एक स्त्री और पुरुष को प्यार करने और प्यार पाने का जन्मजात और प्राकृतिक अधिकार है। इसलिए हर एक व्यक्ति को प्रेम सम्बन्ध में होना चाहिए।"-"Every Woman and Man Have Inherent and Natural Right to Love and being Loved. Therefore Every Person Should be in Loving Relationship."
Showing posts with label प्यार-Love. Show all posts
Showing posts with label प्यार-Love. Show all posts

Tuesday, 18 February 2014

प्यार भरे रिश्ते में रहने वाले लोगों का जीवनकाल अधिक होता है।

प्‍यार से प्‍यार करो- यह जिन्‍दगी प्‍यार की है, प्‍यार बिना भी क्‍या जीना, यह भी कोई जिन्‍दगी है, यह हिन्‍दी गाना आपने सुना हो या न सुना हो, परन्‍तु यह गाना-जिन्‍दगी के लिए बहुत आवश्‍यक है-यह हम नही यह विज्ञान कह रहा है-

अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमोलॉजी में प्रकाशित शोध की मानें तो प्यार भरे रिश्ते में रहने वाले लोगों का जीवनकाल अधिक होता है। शोध की मानें तो सिंगल लोगों को समय से पहले मृत्यु का खतरा शादीशुदा या कमिटेड लोगों की अपेक्षा 32 प्रतिशत अधिक होता है। प्यार का अहसास न सिर्फ आपके जीवन में खुशहाली भरता है बल्कि सेहत से जुड़े कई ऐसे फायदों की वजह हो सकता है जिनकी जानकारी आपको हैरान करेगी। यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित शोध की मानें तो लंबे समय तक प्यार में रहने वाले लोगों और खुशहाल संबंध में रहने वाले लोगों को दिल की बीमारी का रिस्क कम होता है।

साइकोलॉजिकल साइमस जर्नल में प्रकाशित शोध की मानें तो शादीशुदा या लंबे समय तक संबंध में रहने वाले लोगों को दिल में दौरे से उबरने की संभावना तीन गुना अधिक होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के शोधकर्ताओं ने अपने अद्ययन के आधार पर दावा किया है कि प्यार में पड़े लोगों के शरीर में कोर्टिजोल नामक स्ट्रेस हार्मोन कम बनता है।

शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने 500 प्रतिभागियों पर किए अपने शोध में यह निष्कर्ष निकाला है। पीएलओएस वन जर्नल में प्रकाशित शोध में माना गया है कि नौ से 10 महीने के बाद प्यार भरे संबंधों में रहने वाली महिलाओं को पीरियड्स के दर्द का अहसास कम होता है।

शोधकर्ताओं ने महिलाओं को उनके साथी की तस्वीरें दिखाकर दर्द के दौरान दिमाग का परीक्षण किया और पाया कि उन्हें दर्द का अहसास कम होता है। ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें तो प्यार में पड़े लोगों को हाई बीपी की दिक्कत सिंगल लोगों की अपेक्षा कम होती है। स्त्रोत : हिमाचल गौरव उत्तराखंड, शीर्षक "प्‍यार से प्‍यार करो- यह हम नही विज्ञान कह रहा है"

Saturday, 12 October 2013

प्यार के प्रति लापरवाह होते हैं ऐसे व्यक्ति

राकेश झा, टीम डिजिटल

आपने देखा होगा कि कुछ लोग प्यार के प्रति संजीदा नहीं होते हैं। ऐसे लोगों को लगता है कि प्यार एक प्रकार का खेल है। जब चाहा किसी से दिल लगाया और जब चाहा तोड़ दिया। अगर शुरू में ही इस तरह के व्यक्तित्व वाले व्यक्ति की पहचान हो जाए तो बाद में दिल टूटने के दर्द से बचा जा सकता है।

इसका एक सामान्य सा तरीका है, जिसका उल्लेख अंकशास्त्र में किया गया है। अंकशास्त्र में कहा गया है कि आमतौर पर इस तरह का स्वभाव हार्ट नंबर 8 वालों का होता है। ऐसे लोग बहुत ज्यादा भौतिकवादी होते हैं। भौतिक सुख-सुविधा एवं आमोद-प्रमोद में इनकी खूब रूचि होती है। रिश्तों के प्रति यह अधिक गंभीर नहीं होते हैं। इन्हें अपना व्यक्तिगत सुख अधिक प्रिय होता है।


ऐसे व्यक्ति बहुत अधिक महत्वाकांक्षी होते हैं। अपनी मंजिल को पाने के लिए जी जान लगाकर काम करते। इसके लिए यह प्यार और व्यक्तिगत जीवन की जिम्मेदारियों को भी ताक पर रख सकते हैं। उन लोगों के साथ इनके अच्छे संबंध रहते हैं, जो गुणवान होते हैं। इनकी चाहत होती है, इनमें जो कमी है, वह इनके जीवनसाथी में नहीं रहे। इसके लिए यह अपने जीवनसाथी को प्रोत्साहित भी खूब करते हैं।

हार्ट नंबर जानने का तरीका

नाम में जितने भी ए, ई, आई, ओ, यू लेटर हैं उन्हें आपस में जोड़ लें। जैसे किसी का नाम मोहन है तो इसे अंग्रेजी में ऐसे लिखेंगे 'mohan' इसमें एक बार 'ए' आया है और एक बार 'ओ'। ए के लिए अंक एक लिखेंगे और ओ के लिए अंक 15।

अब एक और पंद्रह को जोड़ लीजिए, कुल अंक प्राप्त हुआ 16। अंक ज्योतिष में 9 से अंधिक संख्या का अध्ययन नहीं किया जाता है इसलिए 1+6 को जोड़ लीजिए कुल अंक प्राप्त हुआ 7 यही मोहन का hart अंक हुअ। इसी प्रकार आप भी हार्ट अंक ज्ञात कीजिए।

Sunday, 28 July 2013

यह जानने के बाद प्यार करने से पहले 10 बार सोचेंगे आप!

(प्यार अगर आबाद करता है तो बर्बाद भी कर देता है।)

किसी का प्यार जीवन में कई बदलाव लाता है। अगर वह हां कर दे तो ऐसा लगता है जैसे शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। लेकिन यहीं लव आपको एक घातक मोड़ पर भी ले जाता है। जी हां, एक शोध में कुछ हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। इन्हें जानने के बाद शायद आप प्यार करने से पहले एक बार जरूर सोचेंगे। 

हर आदमी में ऑक्सीटोसिन पाया जाता है। इसे ही लव हार्मोन कहते हैं। इसमें भावनाओं का तीव्र संचार होता है। जब भी आप किसी ऐसे आदमी से मिलेंगे, जिसका प्यार में दिल टूटा हो तो वह इस बात से सहमत होगा कि प्यार में वाकई दर्द होता है। 

अब नए शोध से यह बात सामने आई है कि पार्टनर के साथ रोमांटिक लगाव की भावना में लव हार्मोन का बहुत बड़ा योगदान होता है, लेकिन यही लव हार्मोन भय और चिंता भी बढ़ाता है।

अक्सर विवाहित पुरुष भी कम उम्र की लड़कियों के प्यार में पड़ जाते हैं। अगर उन्हें लगता है कि लड़की चाह रही है तो उनमें गजब की ऊर्जा का संचार होता है और वे अपने प्रोफेशनल लाइफ में बहुत अच्छा परफॉर्मेस करने लगते हैं। कई बार लड़कियां इस तरह के प्यार को सीरियसली नहीं लेतीं और संपर्क तोड़ देती हैं। इसका व्यक्ति पर बहुत ही नकारात्मक असर पड़ता है। इस बात की भी संभावना होती है कि कहीं वह गहरे डिप्रेशन में न चला जाए। 

अगर यह डिप्रेशन ज्यादा बढ़ जाता है तो व्यक्ति आत्महत्या भी कर सकता है। प्यार में आत्महत्या करने की खबरें अक्सर मीडिया में आती रहती हैं। इसलिए प्यार को बराबर एक संगीन मामला माना गया है। यह अगर आबाद करता है तो बर्बाद भी कर देता है। इसलिए, अगर आपका किसी से दिल लग गया है तो उस रिश्ते को परखने की कोशिश करें। यह देखें कि यह रिश्ता आखिर किस हद तक चलने वाला है। रिलेशनशिप को कैजुअली न लें। 

मनोचिकित्सक जेलेना रॉडोलोविक कहते हैं कि ऑक्सीटोसिन का असर सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों होता है। यह सामाजिक परिवेश पर निर्भर करता है। अगर आपके लवर ने पॉजिटिव रिस्पांस नहीं दिए अथवा कुछ दिनों के बाद आपसे संपर्क ही तोड़ दिया तो लव हार्मोन ऑक्सीटोसिन आपके लिए घातक साबित हो सकता है। 

स्त्रोत : DainiK Bhaskar.com | Jul 26, 2013

s

s
s

d

d
d